बिहार की राजनीति में इस वक़्त हलचल अपने चरम पर है। नई सरकार के गठन को लेकर तेजी से घटनाक्रम बदल रहे हैं और इसी बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बड़ा बयान देकर सियासी पारा और चढ़ा दिया है।  उन्होंने कहा की आने वाली सरकार रिमोट कंट्रोल से चलेगी और असली फैसले दिल्ली में लिए जायेंगे।पूर्णिया सांसद पप्पू यादव अररिया के फारबिसगंज में बहुचर्चित घटना मो० नवी हसन के घर गए , जिनका सर बीते दिनों  राहुल चौहान द्वारा चा.कू से अलग कर दिया गया और यह सरेराह किया गया। और इनके परिजनों से मिले। इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को कैबिनेट की आखिरी बैठक करने वाले हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, इसी दिन वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है।

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इस बीच, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने 12 घंटे के भीतर दूसरी बार मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस बैठक में विजय चौधरी भी मौजूद रहे। करीब 20 मिनट चली इस अहम बातचीत के बाद विजय चौधरी ने साफ किया कि मुख्यमंत्री चेहरे का फैसला बीजेपी को करना है, जिसके बाद एनडीए की बैठक में अंतिम सहमति बनेगी। वहीं, संजय झा भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे।

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दूसरी ओर, बीजेपी और जदयू ने अपने विधायकों को पटना में ही रहने का निर्देश दिया है, जिससे संकेत मिलते हैं कि अगले दो दिनों में कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है। इधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पूरे घटनाक्रम पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार का फैसला दिल्ली में बैठे कुछ लोग ही करेंगे। वहीं, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी इसे ‘रिमोट कंट्रोल’ की सरकार बताया। इस बीच, पटना में निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर पोस्टर भी सामने आए हैं, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया है। बिहार की राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर खड़ी है, जहां आने वाले 48 घंटे बेहद अहम साबित हो सकते हैं।