पटना: मंगलवार का दिन बिहार की सियासी गलियारे में बड़ा दिन रहा। एक तरफ जहां 20 वर्षों से बिहार की सत्ता संभाल रहे नीतीश कुमार ने पद से इस्तीफा दे दिया है तो दूसरी तरफ भाजपा से पहली बार किसी नेता का नाम मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया है। पहले भाजपा विधायक दल और फिर NDA विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी नेता चुने गए जिसके बाद वह लोक भवन पहुंचे और राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में चुने जाने के बाद अब सम्राट चौधरी को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि महज 9 वर्ष पहले जिस नेता ने भाजपा की सदस्यता ली आखिर इतने कम समय बिहार के सबसे बड़े नेता के रूप में कैसे चुन लिए गए।

सम्राट चौधरी की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत राजद से हुई थी। राबड़ी शासनकाल में वह मंत्री और विधायक भी बने थे। 2017 में सम्राट भाजपा में आये और उसके बाद से लगातार उनका कद बढ़ता ही चला गया। सम्राट चौधरी को भाजपा में प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश उपाध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री जैसी अहम जिम्मेदारियां भी दी गई। सम्राट ने हर पदों पर रहते हुए अपनी जिम्मेदारी को मजबूती के साथ निभाया और धीरे धीरे केंद्रीय नेतृत्व की पसंद बनते चले गए।

यह भी पढ़ें    -     सम्राट होंगे बिहार के नए 'चौधरी', संभालेंगे नीतीश की विरासत

लालू यादव की पार्टी राजद से 1990 में राजनीतिक यात्रा पर निकले सम्राट चौधरी 2026 में बिहार के मुख्यमंत्री चुने गए। इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है कि जिस सम्राट ने कभी नीतीश कुमार को सीएम की कुर्सी से हटाने का प्रण लिया था उसी नीतीश कुमार के काफी करीबी हो गए। नीतीश कुमार हर मंच पर सम्राट चौधरी को लेकर बड़ा इशारा करते दिख रहे थे। इसके साथ ही दूसरा कारण है कि वह बिहार के एक बड़े नेता शकुनी चौधरी के पुत्र हैं। शकुनी चौधरी भी कई बार विधायक और सांसद रह चुके हैं जबकि उनकी मां भी विधायक रह चुकी हैं। वहीं सबसे बड़ा कारण है सम्राट चौधरी का कुशवाहा समाज से होना।

बिहार में लव कुश यानि कुर्मी और कुशवाहा समाज का वोट बैंक करीब 7 प्रतिशत है जो 50 से 60 सीटों पर निर्णायक असर डालता है। सम्राट चौधरी को भी कोयरी समाज से आने का बहुत बड़ा लाभ मिला और सीएम की कुर्सी पर उनकी दावेदारी मजबूत हो गई। राजनीतिक जानकारों की मानें तो बीते कुछ दिनों में सम्राट चौधरी नीतीश कुमार के साथ हर मंच पर दिखते थे जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच काफी नजदीकी बढिया और अब भाजपा ने यह फैसला भी काफी सोच समझ कर लिया है ताकि लव कुश समाज पर अच्छी पकड़ बनाई जा सके।

यह भी पढ़ें    -     'निशांत अभी बच्चा हैं', डिप्टी सीएम बनाये जाने के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा 'हम जायेंगे...'

YouTube Video