पटना: राज्य में शुरू हो चुके जनगणना कार्य एवं जनता के लंबे समय से लंबित कामों को देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिला के समाहर्ता को निलंबित 200 से अधिक राजस्व कर्मी की सेवा पुनः बहाल करने का निर्देश दिया बावजूद इसके राजस्व सेवा संघ हड़ताल पर अड़ा है। संघ का कहना है कि कर्मी दो महीनों से हड़ताल पर हैं बावजूद इसके अब तक हमारी मांगें नहीं मानी गई। उलटे जिलों में राजस्व अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। अब विभाग की तरफ से जिलों को निलंबन वापस लेने का निर्देश दिया गया है जिसके बाद अब जिलों का कहना है कि पहले ज्वाइन करें तब निलंबन वापस किया जायेगा। संघ ने साफ किया कि इस स्थिति में हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी।

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वहीं दूसरी तरफ विभाग का कहना है कि राज्य में राजस्व कर्मियों के निलंबन और वापसी को लेकर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो गई है। बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमवाली 2025 के अनुसार नियुक्ति एवं अनुशासनिक कार्रवाई का अधिकार जिलों के समाहर्ता को प्राप्त है। 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच राजस्व कर्मियों का निलंबन भी विभाग के निर्देश पर जिला समाहर्ताओं द्वारा ही किया गया था। राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 224 राजस्व कर्मियों को निलंबित किया गया था।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश के बाद अब जिलों में निलंबन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 17 अप्रैल को काम पर लौटने वाले राजस्व कर्मियों के संबंध में भी विभाग ने निर्देश जारी किया था, जिससे प्रशासनिक कार्यों में सहूलियत मिलना शुरू हुआ है। बता दें कि बीते दिनों राजस्व कर्मियों के निलंबन को वापस लेने का आदेश सीएम सम्राट चौधरी ने दिया था जिसके बाद विभाग ने सभी जिलों को पत्र लिख कर निलंबित अधिकारियों और कर्मियों के निलंबन को रद्द करने का आदेश दिया था लेकिन राजस्व सेवक संघ अब भी अपनी हड़ताल को लेकर अड़ा हुआ है।

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