कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर गहमागहमी काफी तेज है। इस बीच अब SIR के बाद चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है। आयोग के अनुसार राज्य में करीब 90 लाख वोटरों के नाम लिस्ट से हटाये गए हैं जिसमें सबसे अधिक नाम मुर्शिदाबाद में हटाये गए हैं। चुनाव आयोग ने पहले काह्रण के मतदान के लिए मतदाता सूची सोमवार की रात से ही अंतिम रूप से तय कर ली थी लेकिन यह आंकड़ा अब सुबह सामने आय अहै। चुनाव आयोग ने इसे लेकर एक अधिसूचना जारी कर दी है।

अधिसूचना के अनुसार सूची अंतिम रूप दिए जाने तक 90 लाख से अधिक नाम छुट गए थे। सबसे अधिक नाम मुर्शिदाबाद में छूटे थे। चुनाव आयोग ने 11 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR करवाया था जिसमें सबसे अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाये जाने के मामले में पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जबकि पहले स्थान पर उत्तर प्रदेश है। उत्तर प्रदेश में SIR  के बाद करीब 2 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाये गए हैं जबकि पश्चिम बंगाल में 90 लाख से अधिक।

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SIR के दौरान विचाराधीन 60 लाख नामों में से 27 लाख 16 हजार 393 नाम हटा दिए गए जबकि नई मतदाता सूची में 32 लाख 68 हजार 119 लोगों के नाम शामिल किये गए हैं। इससे पहले अंतिम सूची में 63 लाख से अधिक नाम हटाये गए थे। पूरक सूची प्रकाशित होने के बाद 27 लाख से अधिक नाम हटाये गए हैं। इस तरह से कुल 90 लाख से अधिक नाम अहताए गए हैं। सूत्रों के अनुसार सभी नामों का अंतिम रूप दिए जाने के बावजूद केवल 59 लाख 84 हजार 512 लोगों के आंकड़े ही प्रकाशित किए गए हैं। बाकि के नाम ई-हस्ताक्षरित नहीं हैं ऐसे में हटाये गए मत्दतोँ की संख्या और बढ़ सकती है।

जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक नाम मुर्शिदाबाद में हटाये गए हैं जिसकी संख्या 455137 है वहीं दूसरे स्थान पर उत्तर 24 परगना है जहां 325 666 लोगों के नाम हटाये गए हैं। वहीं पूर्वी वर्धमान, दक्षिण 24 परगना, नदिया और मालदा में दो लाख से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाये गए हैं। कुछ बिहार, उत्तर दिनाजपुर, हावड़ा और हुगली में एक लाख से अधिक नाम छूटे हैं, जबकि सबसे कम नाम झाड़ग्राम में छूटे हैं। बता दें कि SIR के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कहा था कि चुनाव आयोग राज्य में एक करोड़ के आसपास मतदाताओं के नाम सूची से हटा देगा लेकिन अब अंतिम मतदाता सूची के अनुसार 90 लाख नाम हटाये गए है।

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