नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा सांसद बन गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। इस दौरान जदयू और भाजपा के कई बड़े नेता भी मौजूद रहे। अब जानकारी मिल रही है कि राज्यसभा सांसद बनने के बाद नीतीश कुमार आज ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने जा सकते हैं। सीएम नीतीश पहली बार राज्यसभा के सदस्य बने हैं। इसके साथ ही जदयू के लिए एक और बड़ी खबर है। राष्ट्रपति ने जदयू के पूर्व राज्यसभा सांसद और राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश को एक बार फिर से उपरी सदन के सदस्य के रूप में मनोनीत कर दिया है। अब खबर है कि हरिवंश राज्यसभा के उप सभापति बने रहेंगे।

बिहार लौटने पर देंगे सीएम पद से इस्तीफा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते 16 मार्च को राज्यसभा सांसद के रूप में निर्वाचित होने के बाद बीते 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अब शुक्रवार को उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण किया है और वहां से बिहार लौटने के बाद सीएम पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं। इसके साथ ही बिहार के अगले सीएम को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार बिहार का अगला सीएम भाजपा का तो होगा लेकिन वह नीतीश कुमार की पसंद का ही होगा। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है कि किसे बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाया जायेगा।

चारों सदन में सदस्य बनने का बनाया रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इससे पहले विधानसभा, लोकसभा और विधान परिषद के सदस्य रह चुके थे लेकिन वे अब तक राज्यसभा के लिए नहीं चुने गए थे। अब उन्होंने अपनी इक्षा जाहिर की तथा बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ कर राज्यसभा जाने का निर्णय लिया। बीते 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव में हुए मतदान में उन्होंने जीत हासिल की तथा 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सीएम नीतीश ने शुक्रवार को शपथ ग्रहण के साथ ही चारों सदन का सदस्य बनने का एक रिकॉर्ड बना दिया है।

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कल ही पहुंचे थे दिल्ली

सीएम नीतीश राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण के लिए गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे। इस दौरान वहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मैं पहले तो दिल्ली में रहता था और काम करता था। बीच में बिहार गया था और वहां हमने काफी काम किया है। अब एक बार फिर से हम वापस दिल्ली आ गए हैं और यहां रह कर ही काम करेंगे। इस दौरान उन्होंने बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कहा था कि वे जल्द ही बिहार जायेंगे और फिर सारा कुछ ठीक हो जायेगा।

हरिवंश को राष्ट्रपति ने किया मनोनीत

इधर नीतीश कुमार के राज्यसभा में निर्वाचित होने तथा चुनाव में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश को दुबारा मौका नहीं दिए जाने की चर्चा जोरों पर थी। कहा जा रहा था कि नीतीश कुमार कम ही नेता को तीसरी बार राज्यसभा भेजते हैं लेकिन शुक्रवार को एक और बड़ी खबर आई। जदयू नेता तथा राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश को राष्ट्रपति ने उस सदस्य की रिक्ति को भरने के लिए मनोनीत किया है जो भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के सेवानिवृत होने के बाद खाली हुई थी। 

इस संबंध में राष्ट्रपति भवन से अधिसूचना जारी कर दी गई है जिसमें लिखा है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (1) के उपखंड (अ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा उसी अनुच्छेद के खंड (3) के अनुसार राष्ट्रपति मनोनीत सदस्यों में से एक सदस्य के सेवानिवृत होने से उत्पन्न रिक्ति को भरने के लिए हरिवंश को राज्यसभा का सदस्य नामित करके प्रसन्न हैं। हरिवंश बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा के सदस्य के रूप में अपने दो कार्यकाल पूरे कर चुके हैं और उच्च सदन के उपसभापति के पद भी अपनी सेवाएँ दी है।

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