पटना: बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार बनते ही ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सिवान, जहानाबाद, रोहतास समेत कई जिलों के जेल में सुबह 4 बजे से छापेमारी की गई। सभी ज़िलों में पुलिस अधीक्षक समेत सभी वरीय पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में छापेमारी की गई। वैशाली में एसपी, एसडीपीओ, डीएसपी समेत अन्य प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों के साथ भरी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही। इस दौरान जेल के सभी वार्डों में सघन जांच की गई।

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने जेल परिसर की सुरक्षा का भी अवलोकन किया और मूल्यांकन किया। औचक निरीक्षण के उपरांत कारा परिसर से किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी नहीं हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। अधिकारियों द्वारा कारा प्रशासन को सुरक्षा मानकों को निरंतर सुदृढ़ बनाए रखने एवं सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण कारा सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपराधियों द्वारा कोई प्रतिबंधित सामान को चेक करने के उद्देश्य से किया गया।

मुजफ्फरपुर में 200 जवानों के साथ चार घंटे सर्च ऑपरेशन

मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में सबसे बड़ा ऑपरेशन देखने को मिला। एसएसपी के नेतृत्व में करीब 200 जवानों ने चार घंटे तक जेल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद यहां भी कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई।

सम्राट की सरकार में सुबह सुबह जेल में छापेमारी, राज्य के कई जिलों में औचक निरीक्षण

औरंगाबाद में बरामद हुए औजार, सुरक्षा पर सवाल

औरंगाबाद मंडल कारा की छापेमारी में पिलास, पेचकस और लोहे के टुकड़े जैसे सामान बरामद हुए। यह सामग्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है, प्रशासन ने तुरंत इन्हें जब्त कर जांच के आदेश दिए और कारा प्रशासन को सख्त चेतावनी दी। औरंगाबाद में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल के नेतृत्व में मंडल कारा में औचक निरीक्षण किया।

सीतामढ़ी में मिला संदिग्ध कागजात

सीतामढ़ी जेल में छापेमारी के दौरान प्रशासन को एक वार्ड से संदिग्ध कागजात मिला, जिसमें मोबाइल नंबर और आपत्तिजनक बातें दर्ज थीं। इसके बाद प्रशासन और सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि कुख्यात अपराधियों को अब केंद्रीय कारा में शिफ्ट किया जा सकता है।