पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री पार्टी की सदस्यता लेने के साथ हो गई। निशांत की राजनीतिक सक्रियता के बाद से अब कयास लगाया जा रहा है कि उन्हें बिहार का उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि अभी तक इस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रविवार को इस मामले में बात करते हुए जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने बड़ी बातें कही। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ता और राज्य के लोगों की मांग पर निशांत के राजनीति में आने की बात कही। मीडिया से बात करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने शराबबंदी मामले में भी बात की।
निशांत की पॉलिटिकल एंट्री से कार्यकर्ताओं में है खुशी
मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने निशांत की राजनीतिक एंट्री को लेकर खुशी जताते हुए कहा कि यह तो अच्छी बात है कि कार्यकर्ताओं के मन की बात आज पूरी हो गई। कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। इस दौरान उन्होंने निशांत को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर मीडिया से भी विचार लिए जाने की बात कही। उन्होंने निशांत कुमार के बिहार भ्रमण को लेकर कहा कि कल सभी जिलाध्यक्ष के साथ बैठक करेंगे और फिर जल्दी ही सभी जिलों की यात्रा पर जाएंगे। ललन सिंह ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान को लेकर कहा कि ममता बनर्जी की सरकार के लिए न तो संविधान है न देश के प्रति सम्मान है और न ही एक आदिवासी महिला जो देश की प्रथम नागरिक हैं उनके लिए सम्मान है। उनके लिए सिर्फ अपना सम्मान है। वहां जो कुछ हुआ है उसे पूरे देश ने देखा है और समय आ रहा है, बंगाल की जनता उन्हें जवाब दे देगी। उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा के राष्ट्रपति द्वारा राजनीति किए जाने के सवाल पर कहा कि वह तो फिल्म के लोग हैं, इस मामले में क्या कहेंगे। ममता बनर्जी ने उन्हें लोकसभा भेजा है तो उनकी बात तो करेंगे ही।
पार्टी नेताओं की मांग हुई पूरी
वहीं दूसरी तरफ जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री पर खुशी जताई और कहा कि दो दिन पहले ही विधायक दल की बैठक में मैने प्रस्ताव रखा था जिसका एक सुर में सभी लोगों ने समर्थन किया और आज उन्होंने पार्टी की विधिवत सदस्यता ले ली है। लंबे समय से कार्यकर्ता और पार्टी के नेता इस बात की मांग कर रहे थे जो अब पूरी हो गई है। संजय झा ने कहा कि पार्टी के सांसद और विधायकों के साथ ही मुख्यमंत्री के पुराने साथियों की भी मांग थी और अब निशांत ने पार्टी का काम करना शुरू कर दिया है। वह बिहार में भी जगह जगह जाएंगे और खुद कहा ही है कि वे अपने पिता के कार्य और संस्कृति को आगे बढ़ाएंगे। संजय झा ने निशांत के बिहार की यात्रा को लेकर कहा कि अभी शेड्यूल नहीं हुआ है, आगे चल कर पार्टी उनके कार्यक्रम निर्धारित करेगी और फिर वह निकलेंगे। वहीं दूसरी तरफ उन्होंने निशांत को राज्य की सरकार में बड़ी जिम्मेदारी को लेकर कहा कि यह आने वाले समय में बातचीत के आधार पर तय किया जाएगा।
हंगामा करने वाले लोग विपक्ष के एजेंट
मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सीएम नीतीश के राज्यसभा जाने का विरोध किए जाने के सवाल पर कहा कि जिन लोगों ने हंगामा किया है वह हमारी पार्टी के न तो कोई सदस्य हैं न ही कोई जिम्मेवार व्यक्ति। वे लोग विपक्ष के द्वारा पैसे के बल पर भेज कर हंगामा करने वाले लोग थे। हमलोग ऐसे लोगों को चिह्नित कर रहे हैं कि ये लोग कौन हैं और आपलोग भी जांच कर सकते हैं कि हंगामा करने वाले लोग हमारी पार्टी के सदस्य हैं या नहीं। हमलोग एक साथ मिल कर सरकार चला रहे हैं । यह एजेंट लोग हैं जो मीडिया का कैमरा देख हंगामा करता है। हमलोग जांच करवा रहे हैं कि लोग कौन हैं जो नीतीश कुमार की पार्टी में आ कर हंगामा कर रहे हैं।
ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना
संजय झा ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान को लेकर कहा कि यह बहुत दुखद है, आज तक ऐसा नहीं हुआ। आज तक किसी सरकार ने राष्ट्रपति को लेकर राजनीति नहीं की। वह आदिवासी समाज से एक महिला है और उसी समाज के एक कार्यक्रम में गई थीं। जैसा वह खुद बता रही थी कि इतना बड़ा जगह था फिर भी प्रशासन ने मना कर दिया। प्रोटोकॉल के अनुसार जब राष्ट्रपति आते हैं तो मुख्यमंत्री को स्वागत के लिए जाना चाहिए। अगर किसी कारण से वह नहीं गई तो राज्य के अन्य मंत्री को जाना चाहिए था लेकिन कोई नहीं गया साथ ही उनके कार्यक्रम को भी प्रभावित करने की कोशिश की गई। राष्ट्रपति कहीं जाएंगी तो वह राजनीति थोड़े होता है। ये लोग अपनी भाषा को किस स्तर पर ले जा रहे हैं। वह किसी राजनीतिक कार्यक्रम में नहीं गई थी बल्कि आदिवासी समाज के कार्यक्रम में गई थी। बंगाल में चुनाव है लेकिन अभी आचार संहिता की घोषणा नहीं हुई है।
शराबबंदी को की लेकर बड़ी बात
इस दौरान शराबबंदी की समीक्षा की मांग को लेकर मांझी के बयान पर संजय झा ने कहा कि मैं उनके बयान पर कुछ नहीं बोलूंगा लेकिन नीतीश कुमार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शराबबंदी की थी। यह दो चरणों में लागू की गई थी और यह आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने शराबबंदी कानून पर खतरा को लेकर कहा कि नीतीश कुमार ने शराबबंदी लागू की थी और इस बार भी नीतीश कुमार के चेहरे पर हमने चुनाव जीता है। सीएम नीतीश ने कहा है कि राज्यसभा जाने के बावजूद सरकार उनके निर्देशन में चलेगी, अगले 5 वर्षों तक शराबबंदी कानून पर भी कोई खतरा नहीं है।